अध्याय 5 — 45 देवता एक-एक करके
हर देवता का एक कार्ड, एक ही ढाँचे में: संस्कृत नाम → किस श्लोक से → मंडल में पद → वास्तुपुरुष का अंग → शक्ति → पारंपरिक गुण → घर की वस्तु → द्वार-फल → आगे पढ़ें / Field Booster लें।
नक्शे पर किसी देवता को टैप करें, उसका कार्ड खुल जाएगा। जहाँ बात शास्त्र की है वहाँ लिखा है; जहाँ हमारी पुस्तक या आधुनिक पाठ की है, वह भी लिखा है।
📚 श्रृंखला: 45 वास्तु देवता
अध्याय 1 45 देवता = 45 शक्तियाँ — कौन देवता क्या करता हैअध्याय 2 मूल श्लोक — बृहत्संहिता और मत्स्य पुराण में 45 देवताअध्याय 3 अदिति, दिति, आदित्य, रुद्र और मरुत — ऋग्वेद और भागवत सेअध्याय 4 द्वार-फल — किस देवता के पद पर मुख्य द्वार क्या देता है अध्याय 5 45 देवता एक-एक करके — नक्शा, पद, अंग, उपाय, Field Booster
मंडल का नक्शा — टैप करें
NORTH SOUTH WEST EAST ब्रह्मा · केंद्र · लक्ष्य और संतुलन ब्रह्मा भूधर / पृथ्वीधर · N · व्यवस्था की नींव भूधर अर्यमा · E · जोड़ने वाला, संपर्क अर्यमा विवस्वान · S · राजा, मुखिया विवस्वान मित्र · W · लोगों का प्रबंध मित्र आपः · NE · पोषण आपः आपवत्स · NE · शक्ति-तत्व आपवत्स सविता · SE · प्रायोजक, प्रेरक सविता सावित्र · SE · बाँटने वाला सावित्र इन्द्र · SW · मुख्य कार्यपालक इन्द्र जय · SW · रणनीतिकार जय रुद्र · NW · नियंत्रक रुद्र राजयक्ष्मा · NW · गला घोंटने वाला (अवरोध) राजयक्ष्मा शिखी (अग्नि) · E1 · दूरदृष्टि, नए विचार शिखी पर्जन्य · E2 · सींचकर बढ़ाना पर्जन्य जयन्त · E3 · कर दिखाने वाला जयन्त महेन्द्र · E4 · नेतृत्व, प्रबंधक महेन्द्र सूर्य · E5 · नियामक सूर्य सत्य · E6 · न्यायाधीश सत्य भृश · E7 · पीसने वाला, घर्षण भृश अन्तरिक्ष · E8 · विस्तार अन्तरिक्ष अनिल (वायु) · S1 · ऊपर उठाने वाला अनिल पूषा · S2 · मार्गदर्शक पूषा वितथ · S3 · कुतरने वाला, क्षरण वितथ गृहक्षत · S4 · बाँधने वाला गृहक्षत यम · S5 · अनुशासन यम गन्धर्व · S6 · कला गन्धर्व भृंगराज · S7 · सफ़ाई भृंगराज मृग · S8 · खोजी, शिकारी मृग पितृ · W1 · पूर्वज पितृ दौवारिक · W2 · द्वारपाल, रक्षक दौवारिक सुग्रीव · W3 · पकड़, ग्रहण सुग्रीव पुष्पदन्त · W4 · गुरु पुष्पदन्त वरुण · W5 · संचालक वरुण असुर · W6 · छिपा हुआ असुर शोष · W7 · सुखाने वाला शोष पापयक्ष्मा · W8 · लत पापयक्ष्मा रोग · N1 · कमज़ोरी रोग अहि / नाग · N2 · आक्रामक अहि मुख्य · N3 · रचनाकार, डिज़ाइनर मुख्य भल्लाट · N4 · ग्राहक और व्यापार भल्लाट सोम · N5 · समाधान सोम भुजग (सर्प) · N6 · चिकित्सक भुजग अदिति · N7 · देखभाल, माता अदिति दिति · N8 · सीमा, रोक दिति 81 पदों का मंडल, बृहत्संहिता 52.42–50 के अनुसार। उत्तर ऊपर, पूर्व दाएँ। किसी भी देवता पर टैप करें। रंग = वर्ग (आदित्य, रुद्र, वसु, असुर, देवमाता, ब्रह्मा)।
हर पंक्ति कहाँ से है: पद और श्लोक — बृहत्संहिता 52.42–50 और मत्स्य पुराण 253 (
अध्याय 2 ); अंग — बृहत्संहिता 52.51–54 (ग्रंथ दाहिना पार्श्व बताता है और कहता है कि बायाँ उसका दर्पण है; दर्पण वाले चिह्नित हैं);
द्वार-फल — 52.70–73 (
अध्याय 4 ); शक्ति — आधुनिक पाठ (
अध्याय 1 ); गुण और घर की वस्तु — पुस्तक
Advance Vastu — Vedant Maestro (पृ. 213–215), जो हमारे परामर्श की पद्धति है।
वस्तु उस देवता के पद में रखी जाती है; पात्र और विधि परामर्श में तय होती है।
केंद्र — ब्रह्मस्थान
ब्रह्मा Brahma · केंद्र · #1
श्लोक बृहत्संहिता 52.46 · मत्स्य 253.29
पद केंद्र · 9 पद · ब्रह्मा
वास्तुपुरुष का अंग हृदय शक्ति (आधुनिक पाठ) लक्ष्य और संतुलन · Goal
गुण (पुस्तक) परम सृष्टिकर्ता
घर की वस्तु (पुस्तक) दूध और केसर मिला पानी, छिड़का हुआ
चारों दिशाओं के लंबे देवता (3 पद)
भूधर / पृथ्वीधर Bhudhar · N · #2
श्लोक बृहत्संहिता 52.46–47 · मत्स्य 253.30
पद N · 3 पद · वसु
शक्ति (आधुनिक पाठ) व्यवस्था की नींव · System architecture
गुण (पुस्तक) प्रकट करने और दिनचर्या की शक्ति
घर की वस्तु (पुस्तक) आटे का एक पैकेट
अर्यमा Aryama · E · #3
श्लोक बृहत्संहिता 52.46–47 · मत्स्य 253.30
पद E · 3 पद · आदित्य
वास्तुपुरुष का अंग स्तन शक्ति (आधुनिक पाठ) जोड़ने वाला, संपर्क · Liaison
गुण (पुस्तक) जोड़ने वाला — सौदों का मध्यस्थ
घर की वस्तु (पुस्तक) चीनी, मिश्री, गुड़
विवस्वान Vivaswan · S · #4
श्लोक बृहत्संहिता 52.46–47 · मत्स्य 253.30
पद S · 3 पद · आदित्य
वास्तुपुरुष का अंग जठर (पेट) शक्ति (आधुनिक पाठ) राजा, मुखिया · King
गुण (पुस्तक) बदलाव का कारण और उस पर नियंत्रण
घर की वस्तु (पुस्तक) गाय के घी का दीपक
मित्र Mitra · W · #5
श्लोक बृहत्संहिता 52.46–47 · मत्स्य 253.30
पद W · 3 पद · आदित्य
वास्तुपुरुष का अंग जठर (पेट) (बायाँ पार्श्व, दर्पण-क्रम — बृहत्संहिता 52.54) शक्ति (आधुनिक पाठ) लोगों का प्रबंध · HR / people
गुण (पुस्तक) मित्र — संसार को काम में लगाता है
घर की वस्तु (पुस्तक) मीठी रोटी
भीतरी आठ (कोणों के)
आपः Aapaha · NE · #6
श्लोक बृहत्संहिता 52.47–48 · मत्स्य 253.28–31
पद NE · 1 पद · वसु
वास्तुपुरुष का अंग मुख शक्ति (आधुनिक पाठ) पोषण · Nutrients
गुण (पुस्तक) स्वास्थ्य और उपचार की शक्ति
घर की वस्तु (पुस्तक) जल-स्थान
आपवत्स Apahvatsa · NE · #7
श्लोक बृहत्संहिता 52.47–48 · मत्स्य 253.28–31
पद NE · 1 पद · रुद्र
वास्तुपुरुष का अंग छाती शक्ति (आधुनिक पाठ) शक्ति-तत्व · Vitamin
गुण (पुस्तक) स्वास्थ्य तक ले जाने वाला
घर की वस्तु (पुस्तक) जल-स्थान, अदरक और सोंठ
सविता Savita · SE · #8
श्लोक बृहत्संहिता 52.47–48 · मत्स्य 253.28–31
पद SE · 1 पद · आदित्य
वास्तुपुरुष का अंग हाथ शक्ति (आधुनिक पाठ) प्रायोजक, प्रेरक · Sponsor
गुण (पुस्तक) प्रज्वलक — कर्मों को गति देता है
घर की वस्तु (पुस्तक) खोये का पेड़ा
सावित्र Savitra · SE · #9
श्लोक बृहत्संहिता 52.47–48 · मत्स्य 253.28–31
पद SE · 1 पद · आदित्य
वास्तुपुरुष का अंग हाथ शक्ति (आधुनिक पाठ) बाँटने वाला · Distributor
गुण (पुस्तक) प्रेरक — उस प्रेरणा पर काम के साधन
घर की वस्तु (पुस्तक) खोये का पेड़ा और अमचूर
इन्द्र Indra · SW · #10
श्लोक बृहत्संहिता 52.47–48 · मत्स्य 253.28–31
पद SW · 1 पद · आदित्य
वास्तुपुरुष का अंग लिंग-स्थान शक्ति (आधुनिक पाठ) मुख्य कार्यपालक · Chief executor
गुण (पुस्तक) आपका राज्य
घर की वस्तु (पुस्तक) बेकिंग सोडा, राई
जय Jaya · SW · #11
श्लोक बृहत्संहिता 52.47–48 · मत्स्य 253.28–31
पद SW · 1 पद · रुद्र
वास्तुपुरुष का अंग लिंग-स्थान शक्ति (आधुनिक पाठ) रणनीतिकार · Strategist
गुण (पुस्तक) आपकी जीत का औज़ार
घर की वस्तु (पुस्तक) जायफल
रुद्र Rudra · NW · #12
श्लोक बृहत्संहिता 52.47–48 · मत्स्य 253.28–31
पद NW · 1 पद · रुद्र
वास्तुपुरुष का अंग हाथ (बायाँ पार्श्व, दर्पण-क्रम — बृहत्संहिता 52.54) शक्ति (आधुनिक पाठ) नियंत्रक · Controller
गुण (पुस्तक) प्रवाह — शत्रु को रुलाता है
घर की वस्तु (पुस्तक) प्याज़
राजयक्ष्मा Rajyakshma · NW · #13
श्लोक बृहत्संहिता 52.47–48 · मत्स्य 253.28–31
पद NW · 1 पद · असुर
वास्तुपुरुष का अंग हाथ (बायाँ पार्श्व, दर्पण-क्रम — बृहत्संहिता 52.54) शक्ति (आधुनिक पाठ) गला घोंटने वाला (अवरोध) · Choker
गुण (पुस्तक) रोक — भेद को भेद रखता है
घर की वस्तु (पुस्तक) सुपारी
पूर्व — E1 से E8
शिखी (अग्नि) Shikhi · E1 · #14
श्लोक बृहत्संहिता 52.43 · मत्स्य 253.24
पद E1 · 1 पद · रुद्र
वास्तुपुरुष का अंग सिर शक्ति (आधुनिक पाठ) दूरदृष्टि, नए विचार · Visionary
गुण (पुस्तक) बड़े विचार
घर की वस्तु (पुस्तक) कपूर
द्वार-फल (52.70–73) ✗ अग्नि/वायु का भय
पर्जन्य Parjanya · E2 · #15
श्लोक बृहत्संहिता 52.43 · मत्स्य 253.24
पद E2 · 1 पद · आदित्य
वास्तुपुरुष का अंग आँख शक्ति (आधुनिक पाठ) सींचकर बढ़ाना · Fertiliser
गुण (पुस्तक) अंतर्दृष्टि
घर की वस्तु (पुस्तक) अंकुरित अनाज, नींबू रस
द्वार-फल (52.70–73) ✗ कन्याओं का जन्म
जयन्त Jayant · E3 · #16
श्लोक बृहत्संहिता 52.43 · मत्स्य 253.24
पद E3 · 2 पद · रुद्र
वास्तुपुरुष का अंग कान शक्ति (आधुनिक पाठ) कर दिखाने वाला · Go-getter
गुण (पुस्तक) सफलता दिलाता है
घर की वस्तु (पुस्तक) चंदन
द्वार-फल (52.70–73) ✓ बहुत धन
महेन्द्र Mahendra · E4 · #17
श्लोक बृहत्संहिता 52.43 · मत्स्य 253.24
पद E4 · 2 पद · आदित्य
वास्तुपुरुष का अंग छाती शक्ति (आधुनिक पाठ) नेतृत्व, प्रबंधक · Manager / leader
गुण (पुस्तक) चीज़ों का प्रबंध
घर की वस्तु (पुस्तक) इलायची
द्वार-फल (52.70–73) ✓ राजा की कृपा
सूर्य Surya · E5 · #18
श्लोक बृहत्संहिता 52.43 · मत्स्य 253.24
पद E5 · 2 पद · वसु
वास्तुपुरुष का अंग कंधा शक्ति (आधुनिक पाठ) नियामक · Regulator
गुण (पुस्तक) प्रशासनिक नियंत्रण
घर की वस्तु (पुस्तक) गेहूँ, केसर
द्वार-फल (52.70–73) ✗ क्रोधी स्वभाव
सत्य Satya · E6 · #19
श्लोक बृहत्संहिता 52.43 · मत्स्य 253.24
पद E6 · 2 पद · रुद्र
वास्तुपुरुष का अंग भुजा शक्ति (आधुनिक पाठ) न्यायाधीश · Judge
गुण (पुस्तक) आपका धर्म — शाश्वत सत्य से जुड़ना
घर की वस्तु (पुस्तक) चंदन का तेल
द्वार-फल (52.70–73) ✗ झूठ
भृश Bhrisha · E7 · #20
श्लोक बृहत्संहिता 52.43 · मत्स्य 253.24
पद E7 · 2 पद · असुर
वास्तुपुरुष का अंग भुजा शक्ति (आधुनिक पाठ) पीसने वाला, घर्षण · Grinder
गुण (पुस्तक) चीज़ों का भार और गंभीरता
घर की वस्तु (पुस्तक) कुंडी
द्वार-फल (52.70–73) ✗ क्रूरता
अन्तरिक्ष Antriksh · E8 · #21
श्लोक बृहत्संहिता 52.43 · मत्स्य 253.24
पद E8 · 1 पद · वसु
वास्तुपुरुष का अंग भुजा शक्ति (आधुनिक पाठ) विस्तार · Expander
गुण (पुस्तक) भीतरी स्थान
घर की वस्तु (पुस्तक) लौंग, धनिया
द्वार-फल (52.70–73) ✗ चोरी
दक्षिण — S1 से S8
अनिल (वायु) Anil · S1 · #22
श्लोक बृहत्संहिता 52.44 · मत्स्य 253.25
पद S1 · 1 पद · वसु
वास्तुपुरुष का अंग भुजा शक्ति (आधुनिक पाठ) ऊपर उठाने वाला · Uplifter
गुण (पुस्तक) उत्थान
घर की वस्तु (पुस्तक) लाल चंदन
द्वार-फल (52.70–73) ✗ कम संतान
पूषा Pusha · S2 · #23
श्लोक बृहत्संहिता 52.44 · मत्स्य 253.25
पद S2 · 1 पद · आदित्य
वास्तुपुरुष का अंग भुजा शक्ति (आधुनिक पाठ) मार्गदर्शक · Navigator
गुण (पुस्तक) पोषण, बल
घर की वस्तु (पुस्तक) खील
द्वार-फल (52.70–73) ✗ दासता
वितथ Vitatha · S3 · #24
श्लोक बृहत्संहिता 52.44 · मत्स्य 253.25
पद S3 · 2 पद · असुर
वास्तुपुरुष का अंग पार्श्व (बगल) शक्ति (आधुनिक पाठ) कुतरने वाला, क्षरण · Cruncher
गुण (पुस्तक) असत्य — दिखावा
घर की वस्तु (पुस्तक) चना, अजवाइन और तिल
द्वार-फल (52.70–73) ✗ नीचता
गृहक्षत Grihakshat · S4 · #25
श्लोक बृहत्संहिता 52.44 · मत्स्य 253.25
पद S4 · 2 पद · असुर
वास्तुपुरुष का अंग पार्श्व (बगल) शक्ति (आधुनिक पाठ) बाँधने वाला · Binder
गुण (पुस्तक) सीमा तय करता है
घर की वस्तु (पुस्तक) शहद, लाल मिर्च
द्वार-फल (52.70–73) ✓ अन्न, पेय और संतान की वृद्धि
यम Yama · S5 · #26
श्लोक बृहत्संहिता 52.44 · मत्स्य 253.25
पद S5 · 2 पद · आदित्य
वास्तुपुरुष का अंग ऊरु (जाँघ) शक्ति (आधुनिक पाठ) अनुशासन · Discipliner
गुण (पुस्तक) सीमा बनाए रखता है
घर की वस्तु (पुस्तक) फल, हींग
द्वार-फल (52.70–73) ✗ उग्रता
गन्धर्व Gandharva · S6 · #27
श्लोक बृहत्संहिता 52.44 · मत्स्य 253.25
पद S6 · 2 पद · रुद्र
वास्तुपुरुष का अंग जानु (घुटना) शक्ति (आधुनिक पाठ) कला · Artist
गुण (पुस्तक) अमृत का रक्षक, आमोद-प्रमोद
घर की वस्तु (पुस्तक) सुगंधित तेल, इत्र और इमली
द्वार-फल (52.70–73) ✗ कृतघ्नता
भृंगराज Bhringraj · S7 · #28
श्लोक बृहत्संहिता 52.44 · मत्स्य 253.25
पद S7 · 2 पद · असुर
वास्तुपुरुष का अंग जंघा (पिंडली) शक्ति (आधुनिक पाठ) सफ़ाई · Cleaner
गुण (पुस्तक) प्रतिभा — अनावश्यक को छाँटता है
घर की वस्तु (पुस्तक) रसोई की सफ़ाई का सामान और काली मिर्च
द्वार-फल (52.70–73) ✗ निर्धनता
मृग Mriga · S8 · #29
श्लोक बृहत्संहिता 52.44 · मत्स्य 253.25
पद S8 · 1 पद · असुर
वास्तुपुरुष का अंग नितम्ब शक्ति (आधुनिक पाठ) खोजी, शिकारी · Hunter
गुण (पुस्तक) जिज्ञासा जगाता है
घर की वस्तु (पुस्तक) जीरा, पान का पत्ता
द्वार-फल (52.70–73) ✗ पुत्रों के बल का नाश
पश्चिम — W1 से W8
पितृ Pitra · W1 · #30
श्लोक बृहत्संहिता 52.44–45 · मत्स्य 253.26
पद W1 · 1 पद · वसु
वास्तुपुरुष का अंग पैर शक्ति (आधुनिक पाठ) पूर्वज · Ancestors
गुण (पुस्तक) पूर्वज
घर की वस्तु (पुस्तक) दाल-चावल का मिश्रण
द्वार-फल (52.70–73) ✗ संतान को कष्ट
दौवारिक Dauwarik · W2 · #31
श्लोक बृहत्संहिता 52.44–45 · मत्स्य 253.26
पद W2 · 1 पद · रुद्र
वास्तुपुरुष का अंग नितम्ब (बायाँ पार्श्व, दर्पण-क्रम — बृहत्संहिता 52.54) शक्ति (आधुनिक पाठ) द्वारपाल, रक्षक · Guardian
गुण (पुस्तक) द्वारपाल — ज्ञान और बचत की रक्षा
घर की वस्तु (पुस्तक) टूथपेस्ट, अदरक और सुरमा
द्वार-फल (52.70–73) ✗ शत्रुओं की वृद्धि
सुग्रीव Sugreev · W3 · #32
श्लोक बृहत्संहिता 52.44–45 · मत्स्य 253.26
पद W3 · 2 पद · रुद्र
वास्तुपुरुष का अंग जंघा (पिंडली) (बायाँ पार्श्व, दर्पण-क्रम — बृहत्संहिता 52.54) शक्ति (आधुनिक पाठ) पकड़, ग्रहण · Grasper
गुण (पुस्तक) ग्रहण करने की शक्ति
घर की वस्तु (पुस्तक) बादाम
द्वार-फल (52.70–73) ✗ न पुत्र न धन
पुष्पदन्त Pushpdant · W4 · #33
श्लोक बृहत्संहिता 52.44–45 · मत्स्य 253.26
पद W4 · 2 पद · रुद्र
वास्तुपुरुष का अंग जानु (घुटना) (बायाँ पार्श्व, दर्पण-क्रम — बृहत्संहिता 52.54) शक्ति (आधुनिक पाठ) गुरु · Guru
गुण (पुस्तक) सहायक
घर की वस्तु (पुस्तक) चॉकलेट, कलौंजी
द्वार-फल (52.70–73) ✓ पुत्र, धन और फल
वरुण Varun · W5 · #34
श्लोक बृहत्संहिता 52.44–45 · मत्स्य 253.26
पद W5 · 2 पद · आदित्य
वास्तुपुरुष का अंग ऊरु (जाँघ) (बायाँ पार्श्व, दर्पण-क्रम — बृहत्संहिता 52.54) शक्ति (आधुनिक पाठ) संचालक · Chief operator
गुण (पुस्तक) संसार को देखता है
घर की वस्तु (पुस्तक) मिठाई, नारियल
द्वार-फल (52.70–73) ✓ धन-सम्पत्ति
असुर Asur · W6 · #35
श्लोक बृहत्संहिता 52.44–45 · मत्स्य 253.26
पद W6 · 2 पद · असुर
वास्तुपुरुष का अंग पार्श्व (बगल) (बायाँ पार्श्व, दर्पण-क्रम — बृहत्संहिता 52.54) शक्ति (आधुनिक पाठ) छिपा हुआ · Under cover
गुण (पुस्तक) भ्रम
घर की वस्तु (पुस्तक) तेज़ाब (एसिड)
द्वार-फल (52.70–73) ✗ राजा से भय
शोष Shosha · W7 · #36
श्लोक बृहत्संहिता 52.44–45 · मत्स्य 253.26
पद W7 · 2 पद · असुर
वास्तुपुरुष का अंग पार्श्व (बगल) (बायाँ पार्श्व, दर्पण-क्रम — बृहत्संहिता 52.54) शक्ति (आधुनिक पाठ) सुखाने वाला · Drier
गुण (पुस्तक) “थोड़ा और चाहिए”
घर की वस्तु (पुस्तक) स्पंज, कड़ी पत्ता
द्वार-फल (52.70–73) ✗ धन का क्षय
पापयक्ष्मा Papyakshma · W8 · #37
श्लोक बृहत्संहिता 52.44–45 · मत्स्य 253.26
पद W8 · 1 पद · असुर
वास्तुपुरुष का अंग भुजा (बायाँ पार्श्व, दर्पण-क्रम — बृहत्संहिता 52.54) शक्ति (आधुनिक पाठ) लत · Addiction
गुण (पुस्तक) लत लगाने वाला
घर की वस्तु (पुस्तक) सुपारी ज़ब्रा
द्वार-फल (52.70–73) ✗ रोग
उत्तर — N1 से N8
रोग Roga · N1 · #38
श्लोक बृहत्संहिता 52.45 · मत्स्य 253.26–27
पद N1 · 1 पद · असुर
वास्तुपुरुष का अंग भुजा (बायाँ पार्श्व, दर्पण-क्रम — बृहत्संहिता 52.54) शक्ति (आधुनिक पाठ) कमज़ोरी · Weakener
गुण (पुस्तक) कमज़ोरी और रोग — ज़रूरत में मदद, पर रोज़ साधन खाता है
घर की वस्तु (पुस्तक) चिरौंजी
द्वार-फल (52.70–73) ✗ वध और बंधन
अहि / नाग Ahi (Naga) · N2 · #39
श्लोक बृहत्संहिता 52.45 · मत्स्य 253.26–27
पद N2 · 1 पद · असुर
वास्तुपुरुष का अंग भुजा (बायाँ पार्श्व, दर्पण-क्रम — बृहत्संहिता 52.54) शक्ति (आधुनिक पाठ) आक्रामक · Attacker
गुण (पुस्तक) लालसा, आकर्षण
घर की वस्तु (पुस्तक) दालचीनी
द्वार-फल (52.70–73) ✗ शत्रुओं की वृद्धि
मुख्य Mukhya · N3 · #40
श्लोक बृहत्संहिता 52.45 · मत्स्य 253.26–27
पद N3 · 2 पद · आदित्य
वास्तुपुरुष का अंग भुजा (बायाँ पार्श्व, दर्पण-क्रम — बृहत्संहिता 52.54) शक्ति (आधुनिक पाठ) रचनाकार, डिज़ाइनर · Designer
गुण (पुस्तक) देखभाल करने वाला — व्यवस्था का शीर्ष अंग
घर की वस्तु (पुस्तक) ग्रीन टी
द्वार-फल (52.70–73) ✓ पुत्र और धन का लाभ
भल्लाट Bhallat · N4 · #41
श्लोक बृहत्संहिता 52.45 · मत्स्य 253.26–27
पद N4 · 2 पद · वसु
वास्तुपुरुष का अंग भुजा (बायाँ पार्श्व, दर्पण-क्रम — बृहत्संहिता 52.54) शक्ति (आधुनिक पाठ) ग्राहक और व्यापार · Merchandiser
गुण (पुस्तक) बड़ा, भरपूर
घर की वस्तु (पुस्तक) छुहारे
द्वार-फल (52.70–73) ✓ सब गुणों की सम्पत्ति
सोम Soma · N5 · #42
श्लोक बृहत्संहिता 52.45 · मत्स्य 253.26–27
पद N5 · 2 पद · वसु
वास्तुपुरुष का अंग कंधा (बायाँ पार्श्व, दर्पण-क्रम — बृहत्संहिता 52.54) शक्ति (आधुनिक पाठ) समाधान · Solution
गुण (पुस्तक) अमृत
घर की वस्तु (पुस्तक) खसखस
द्वार-फल (52.70–73) ✓ पुत्र और धन की प्राप्ति
भुजग (सर्प) Bhujag · N6 · #43
श्लोक बृहत्संहिता 52.45 · मत्स्य 253.26–27
पद N6 · 2 पद · रुद्र
वास्तुपुरुष का अंग छाती (बायाँ पार्श्व, दर्पण-क्रम — बृहत्संहिता 52.54) शक्ति (आधुनिक पाठ) चिकित्सक · Doctor
गुण (पुस्तक) स्थिर स्वास्थ्य, रोग-प्रतिरोध
घर की वस्तु (पुस्तक) हल्दी
द्वार-फल (52.70–73) ✗ पुत्र से वैर
अदिति Aditi · N7 · #44
श्लोक बृहत्संहिता 52.45 · मत्स्य 253.26–27
पद N7 · 2 पद · देवमाता
वास्तुपुरुष का अंग कान (बायाँ पार्श्व, दर्पण-क्रम — बृहत्संहिता 52.54) शक्ति (आधुनिक पाठ) देखभाल, माता · Caretaker
गुण (पुस्तक) शांति
घर की वस्तु (पुस्तक) चीनी
द्वार-फल (52.70–73) ✗ स्त्री से दोष
दिति Diti · N8 · #45
श्लोक बृहत्संहिता 52.45 · मत्स्य 253.26–27
पद N8 · 1 पद · देवमाता
वास्तुपुरुष का अंग आँख (बायाँ पार्श्व, दर्पण-क्रम — बृहत्संहिता 52.54) शक्ति (आधुनिक पाठ) सीमा, रोक · Restrainer
गुण (पुस्तक) अनुशासन
घर की वस्तु (पुस्तक) इलायची
द्वार-फल (52.70–73) ✗ दरिद्रता
Devta Field Booster क्या है
ताँबे, पीतल और सफ़ेद धातु की चकतियों से जड़ी एक धातु की प्लेट, हर देवता के लिए अलग विन्यास में — उस देवता के पद में रखी जाती है। नया है? हमारी टीम जगह और विधि मुफ़्त बताती है: WhatsApp +91 97704 40000।सभी 45 देखें →
पिछला: अध्याय 4 — द्वार-फल · शुरू से: अध्याय 1 guide
Frequently Asked Questions हर देवता की घर की वस्तु कहाँ से ली गई है? पुस्तक Advance Vastu — Vedant Maestro (पृ. 213–215) से, जो हमारे परामर्श की पद्धति है। यह बृहत्संहिता से नहीं है; श्लोक नाम, पद और द्वार-फल देते हैं, घरेलू वस्तुएँ नहीं।
मेरे घर का कौन-सा कमरा किस पद में है, कैसे जानें? mahajyotish.com के Vastu Grid टूल से नक्शे पर 81 पदों का जाल बिछाएँ, उत्तर सही चिह्नित करके। ऊपर के नक्शे का हर खाना उसी जाल के खाने से मिलता है।
क्या Devta Field Booster मूर्ति है? नहीं। यह चकतियों के विन्यास वाली सपाट धातु की प्लेट है, जो देवता के पद में रखी जाती है। रोज़ की पूजा नहीं चाहिए। वस्तु से ज़्यादा जगह मायने रखती है, इसीलिए मार्गदर्शन मुफ़्त है।