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Bhagavad Gita अध्याय 8: अक्षर ब्रह्म योग — अंतिम क्षण का रहस्य
"जो भी मानसिक अवस्था व्यक्ति शरीर छोड़ते समय याद करता है, वह उसी अवस्था में अगला जन्म लेता है।" Chapter 8 में अंतिम क्षण की 5-चरण तकनीक, उत्तरायण-दक्षिणायन के दो मार्ग, और सोने की…
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Bhagavad Gita अध्याय 7: ज्ञान विज्ञान योग — ईश्वर के 8 अंग और मणियों की माला
"हज़ारों में से कोई एक ईश्वर को तत्व-रूप से जानता है।" Chapter 7 में Krishna ने अपने 8 अंग बताए, मणियों की मा…
Bhagavad Gita अध्याय 6: ध्यान योग — तुम स्वयं अपने मित्र और शत्रु हो
"उद्धरेदात्मनात्मानम्" — Krishna कहते हैं तुम स्वयं अपने उद्धारक हो। Chapter 6 में 5-step meditation manual, …
Bhagavad Gita अध्याय 5: कर्म सन्न्यास योग — कमल की तरह जल में रहो, लिप्त मत हो
Krishna कहते हैं — "कमल के पत्ते की तरह जल में रहो, लिप्त मत हो।" Chapter 5 में कर्म-योग और संन्यास का अंतिम …
Bhagavad Gita अध्याय 4: ज्ञान कर्म सन्न्यास योग — अवतार का रहस्य और ज्ञान की तलवार
"यदा यदा हि धर्मस्य" — Krishna ने पहली बार अपना अवतार-रहस्य खोला। फिर कहा — ज्ञान की एक चिंगारी सारे कर्म-बंध…
Bhagavad Gita अध्याय 3: कर्म योग — Action ही एकमात्र मार्ग है
Arjun ने पूछा — "Krishna, यदि ज्ञान बड़ा है तो कर्म क्यों?" Krishna का उत्तर पूरे Karma Yoga का सार है। 43 श्…
Bhagavad Gita अध्याय 2: स्थितप्रज्ञ योग — स्थिर बुद्धि का Vastu विज्ञान
Krishna ने पहले ही श्लोक में Arjun को झकझोर दिया — "उठो!"। फिर 72 श्लोकों में आत्मा का रहस्य, निष्काम कर्म, स…
Bhagavad Gita अध्याय 1: अर्जुन विषाद योग — Decision के समय Depression क्यों आता है?
कुरुक्षेत्र के मैदान में Arjun का धनुष हाथ से फिसल गया, मुँह सूख गया, हाथ काँपने लगे। 5000 साल पहले के इस विष…
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