वास्तु बार चार्ट टूल: होम ग्रेडिंग और विश्लेषण गाइड
नमस्कार,
राजा बनना है — और अगर आप सच में अपने जीवन, घर और निर्णयों पर नियंत्रण चाहते हैं, तो Vastu Tools को समझना बहुत ज़रूरी है।
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इस ब्लॉग में हम विस्तार से समझेंगे कि:
किसी प्लॉट या घर की ग्रेडिंग कैसे की जाती है
Google Earth से सही डिग्री कैसे ली जाती है
ग्रेडिंग के बाद Vastu Bar Chart कैसे बनाया जाता है
और Bar Chart से कौन-सा ज़ोन कम है, कौन-सा ज़्यादा, यह कैसे पता चलता है
यह पूरा लेख Vastuguruji के विशेष Bar Chart Tool पर आधारित है।
Vastu Grading क्या होती है और क्यों ज़रूरी है?

हर घर या प्लॉट:
कहीं ज़्यादा मजबूत होता है
कहीं कमज़ोर
और कहीं imbalance में
Vastu Grading का मतलब है:
यह जानना कि आपके घर के कौन-से ज़ोन ज़्यादा हैं और कौन-से कम।
जब तक यह स्पष्ट नहीं होता, तब तक:
Remedies अंदाज़े से होती हैं
Result inconsistent रहते हैं
Bar Chart इस confusion को खत्म करता है।
इस प्रक्रिया में किन Tools की ज़रूरत होती है?
इस पूरी प्रक्रिया में केवल तीन basic applications की ज़रूरत होती है:
Google Earth – Plot / Building की degree निकालने के लिए
AutoCAD (Educational Version) – Map rotation और zoning के लिए
MS Excel (Vastu Bar Chart Tool) – Final grading और bar chart के लिए
Step 1: Google Earth से Degree कैसे लें
Google Earth में अपनी location search करें
Building या plot को ज़रूरत अनुसार zoom करें
View → Reset → Tilt & Compass पर जाएँ
Ruler tool का उपयोग करके plot की degree निकालें
👉 Degree में 1–2° का फर्क ignore किया जा सकता है
👉 यही degree आगे पूरे calculation की base बनती है
Step 2: AutoCAD में Plot को सही Direction में Rotate करना
Architect द्वारा बनाया गया accurate map AutoCAD में खोलें
Rotate command का उपयोग करके plot को East reference के अनुसार घुमाएँ
Google Earth से मिली degree (जैसे 14° या 15°) add करें
इससे आपका map:
बिल्कुल Google Map के orientation जैसा हो जाता है
और Vastu Chara / Shakti Chakra के लिए ready हो जाता है
Step 3: Center निकालकर Shakti Chakra Place करना

Plot के चारों corners को match करते हुए center निकालें
Vastuguruji का दिया हुआ Shakti Chakra exact center पर रखें
👉 यहीं से Vastu Grading complete हो जाती है
👉 अब हर zone clearly अलग-अलग दिखाई देता है
Step 4: Bar Chart कैसे बनता है (Main Tool)
अब आता है सबसे important हिस्सा — Vastu Bar Chart Tool
इसके लिए:
Plot की length और width Excel tool में डालें
Google Earth से मिली degree enter करें
बस Enter दबाते ही:
पूरा Bar Chart auto-generate हो जाता है
North, South, East, West और सभी sub-zones का exact data मिल जाता है
👉 बिना manual calculation
👉 बिना physical मेहनत
Cross Verification (Accuracy Check)
Accuracy check करने के लिए:
AutoCAD में AREA command का उपयोग करें
किसी भी zone का area निकालें
Excel Bar Chart से match करें
आप पाएँगे कि:
Software द्वारा निकाला गया data 100% practical match करता है
Bar Chart से क्या समझ में आता है?
Bar Chart आपको साफ-साफ बताता है:
कौन-सा zone कम है
कौन-सा zone ज़्यादा है
कहां सुधार की ज़रूरत है
और कहां छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए
Vastuguruji का Golden Rule (बहुत ज़रूरी)
जो zone बड़ा है, उसे मत छेड़ो
जो zone छोटा है, उसी को बढ़ाओ
जैसे:
बड़ा पेड़ फल दे रहा है → उसे मत काटो
छोटा पौधा है → उसे खाद दो, पानी दो
Vastu में भी यही logic काम करता है।
कम ज़ोन को कैसे Improve करें?
Bar Chart के आधार पर:
Fire zone कम है → pyramids, red objects
Earth zone कम है → earth elements
Directional imbalance → specific Vastu tools
👉 Small corrections = Big results
🛒 Vastu Bar Chart Tool (Soft Copy) खरीदने के लिए
👉 https://vastuguruji.com/product/vastu-bar-chart-soft-copy/
यह tool:
Excel based है
Easy to use है
Beginners और professionals दोनों के लिए है
🎥 पूरा Video Tutorial यहाँ देखें
इस वीडियो में आप सीखेंगे:
- Live demo के साथ Bar Chart बनाना
- Step-by-step Vastu grading process
- Practical tips जिससे zones को सही तरीके से balance किया जा सके
यह पूरा tutorial beginners और professionals दोनों के लिए आसान भाषा में समझाया गया है।
अंत में
अगर आप:
अंदाज़े से वास्तु नहीं करना चाहते
Practical और measurable result चाहते हैं
और सच में राजा बनना चाहते हैं
तो Vastu Bar Chart Tool आपके लिए अनिवार्य है।
पसंद आए तो:
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धन्यवाद 🙏
राजा बनना है 👑
अंतिम प्रोफेशनल चेकलिस्ट
वास्तु प्लान या guidance page की समीक्षा करते समय हर बिंदु टिक करें ताकि मुख्य सत्यापन छूटे नहीं।
Common mistakes to avoid
- प्रवेश, zone और room logic verify किए बिना सीधे remedy पर जाना।
- Informational guidance को heavy sales intent के साथ mix करना।
- Measurable guidance की जगह fear-heavy language उपयोग करना।







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